ईश्वर की अहैतुकी कृपा से ही मानव शरीर प्राप्त होता हैं: महात्मा
हाजीपुर, मार्च 23 -- लालगंज,संवाद सूत्र। अनंत कोटि ब्रह्माण्डनायक श्री भगवान की अहैतुकी कृपा से जीव को मानव शरीर प्राप्त होता हैं। मानव जीवन का चरम लक्ष्य भागवत प्राप्ति ही है। और भगवत प्राप्ति भक्तों का संग,संतों का संग किए बिना संभव नहीं है। महायज्ञ में यह सब सुलभ हो जाता हैं। यज्ञ मंडप की परिक्रमा से समस्त मनोकामना पूर्ण होती हैं। महायज्ञ के दौरान यज्ञमंडप में ईश्वर की समस्त शक्तियां सूक्ष्म रुप से निवास करती है। यें बातें हिंदू नववर्ष के अवसर पर 19 मार्च चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से 27 मार्च रामनवमी तक गंडक प्रोजेक्ट मैदान लालगंज में विश्वकल्याणार्थ हो रहे श्री चंडी महायज्ञ में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अयोध्या से आए महात्मा रामबालक दास ने कही। महायज्ञ में काशी से आए यज्ञाचार्य आशीष पांडे, संतोष पांडेय, सुनील उपाध्याय, सत्यम कुमार, ग...
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